उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों (UP Assembly Elections 2027) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने राज्य में सत्ता की वापसी के लिए एक ठोस और अचूक ‘चुनावी ब्लूप्रिंट’ तैयार किया है, जिसके तहत इस बार जमीनी स्तर पर माइक्रो-मैनेजमेंट (Micro-Management) और बूथ सुदृढ़ीकरण पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
बीजेपी के चुनावी ब्लूप्रिंट की मुख्य बातें और रणनीति
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हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता: पार्टी की योजना के मुताबिक, अब कार्यकर्ताओं को सीधे जनता के बीच उतारा जाएगा। हर 50 परिवारों पर एक पार्टी कार्यकर्ता की तैनाती की जाएगी, जो उन परिवारों से लगातार संपर्क में रहकर सरकार की नीतियों और योजनाओं को पहुंचाएगा।
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विधानसभा स्तर पर चुनाव संचालन समितियां: चुनाव प्रबंधन को और अधिक धार देने के लिए जिला और विधानसभा स्तर पर विशेष चुनाव संचालन समितियों का गठन किया जाएगा, साथ ही प्रवासी प्रभारियों की भी नियुक्ति होगी।
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दीपावली के बाद मतदाता पुनरीक्षण और पदयात्राएं: त्योहारों के तुरंत बाद राज्य के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में विशेष पदयात्राएं निकाली जाएंगी और मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर पूरा फोकस रहेगा।
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विशिष्ट वर्गों पर विशेष फोकस: घर-घर संपर्क अभियान के दौरान महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, नए मतदाताओं, किसानों, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, छोटे व्यापारियों, प्रबुद्ध वर्ग, पूर्व सैनिकों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों को जोड़ने की खास रणनीति बनाई गई है।
माइक्रो-मैनेजमेंट के जरिए साधे जा रहे समीकरण
पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने साफ कर दिया है कि 2027 का यह चुनाव पूरी तरह से माइक्रो-मैनेजमेंट के फॉर्मूले पर लड़ा जाएगा। इसके तहत जिला प्रभारियों को विधानसभा और विधानसभा प्रभारियों को शक्ति केंद्रों पर प्रवास (प्रवास योजना) करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सक्रिय सदस्यों की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, जिससे विपक्ष के चक्रव्यूह को भेदकर राज्य में एक मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार की जा सके।
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