
नींद के दौरान अगर अचानक आपके कानों में तेज धमाके, जोरदार आवाज या बिजली गिरने जैसी फीलिंग आती है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को ‘एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम’ (Exploding Head Syndrome) कहा जाता है। यह सुनने में डरावना जरूर लगता है, लेकिन कई मामलों में यह गंभीर बीमारी नहीं बल्कि एक स्लीप डिसऑर्डर होता है।
क्या होता है एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम?
यह एक तरह का न्यूरोलॉजिकल स्लीप डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति को सोते समय या नींद से जागते वक्त अचानक तेज आवाज का भ्रम होता है। यह आवाजें किसी विस्फोट, गनशॉट या जोरदार धमाके जैसी महसूस हो सकती हैं, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ भी नहीं होता।
क्यों होता है यह सिंड्रोम?
डॉक्टरों के अनुसार इसके पीछे दिमाग के स्लीप-साइकिल में गड़बड़ी मुख्य कारण मानी जाती है। जब दिमाग पूरी तरह से नींद की अवस्था में नहीं जाता या अचानक बदलाव होता है, तो न्यूरल एक्टिविटी असामान्य हो सकती है।
इसके संभावित कारणों में शामिल हैं:
- अत्यधिक तनाव और चिंता
- नींद की कमी या अनियमित नींद
- थकान और ओवरवर्क
- लंबे समय तक स्क्रीन टाइम
- कुछ दवाओं का प्रभाव
क्या यह खतरनाक बीमारी है?
ज्यादातर मामलों में यह स्थिति खतरनाक नहीं होती और न ही इससे किसी तरह का शारीरिक दर्द होता है। लेकिन बार-बार ऐसा होना नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है और मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।
लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
- सोते समय अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई देना
- डर के साथ अचानक नींद खुल जाना
- दिल की धड़कन तेज होना
- बेचैनी या घबराहट महसूस होना
- नींद में बार-बार रुकावट आना
इलाज और बचाव के उपाय
इस सिंड्रोम का कोई विशेष इलाज नहीं है, लेकिन लाइफस्टाइल में बदलाव से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है:
- नियमित समय पर सोना और जागना
- तनाव कम करना और मेडिटेशन करना
- सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना
- कैफीन और भारी भोजन से बचना
- पर्याप्त नींद लेना
अगर समस्या लगातार बनी रहती है, तो न्यूरोलॉजिस्ट या स्लीप स्पेशलिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर यह समस्या हफ्ते में कई बार हो रही हो, नींद पूरी तरह प्रभावित हो रही हो या इसके साथ डर और घबराहट बढ़ रही हो, तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से संपर्क करें।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया