
नई दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष दूत ने भारत को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया है कि इजराइल को समर्थन देने के मामले में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को संघर्ष की स्थिति में हथियार भेजना तय नियमों के खिलाफ है और इससे वैश्विक व्यवस्था कमजोर पड़ती है।
हथियार आपूर्ति पर उठे अंतरराष्ट्रीय सवाल
संयुक्त राष्ट्र की दूत ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा हालात में किसी भी प्रकार की सैन्य सहायता या हथियारों की आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती। उनके मुताबिक, इस तरह के कदम न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाते हैं, बल्कि वैश्विक शांति व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर डालते हैं।
भारत की भूमिका पर बढ़ी निगरानी
दूत के बयान के बाद भारत की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने संकेत दिया कि जिन देशों पर वैश्विक जिम्मेदारियां हैं, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे नियमों का पालन करें और संघर्ष को कम करने की दिशा में काम करें, न कि उसे बढ़ावा दें।
‘ग्लोबल सिस्टम पर पड़ रहा असर’
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह की गतिविधियां जारी रहती हैं, तो इससे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की विश्वसनीयता कमजोर हो सकती है। साथ ही, इससे वैश्विक सिस्टम पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
कूटनीतिक हल की जरूरत पर जोर
संयुक्त राष्ट्र दूत ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे सैन्य विकल्पों से दूर रहकर कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। उनका कहना है कि वर्तमान हालात में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया