नई दिल्ली: UPI यानी Unified Payments Interface पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने को लेकर देश में सियासी बहस तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट लेनदेन पर शुल्क लगाने का फैसला विदेशी, खासकर अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के दबाव में किया गया है। केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि UPI से जुड़े फैसले किसी विदेशी दबाव में नहीं लिए गए हैं। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य …
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