Shia-Sunni Waqf Board Scam: ‘राम मंदिर चढ़ावा मामले से भी बड़ा है वक्फ घोटाला’, मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने CM योगी से की उच्चस्तरीय जांच की मांग

नई दिल्ली/बरेली। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड में बड़े स्तर पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि वक्फ संपत्तियों से जुड़ा कथित घोटाला इतना बड़ा है कि इसकी तुलना राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले से भी नहीं की जा सकती। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप

बरेली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के प्रबंधन में लंबे समय से गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि वक्फ की बहुमूल्य संपत्तियों का सही तरीके से संरक्षण और उपयोग नहीं किया गया, जिससे करोड़ों नहीं बल्कि अरबों-खरबों रुपये के कथित घोटाले की आशंका पैदा होती है।

उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा पत्र

मौलाना रिजवी ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि वक्फ संपत्तियां समाज की अमानत हैं और इनके रखरखाव तथा उपयोग में किसी भी तरह की अनियमितता की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

उन्होंने मांग की कि यदि कहीं भी वित्तीय गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

वक्फ संपत्तियों को लेकर फिर तेज हुई बहस

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित वक्फ बोर्ड की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं तथा जांच को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

(नोट: यह खबर मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी द्वारा लगाए गए आरोपों और सार्वजनिक रूप से की गई मांग पर आधारित है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।)

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