इस्लामाबाद: भारत के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक साल पूरा होने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर दुष्प्रचार और झूठे दावों के जरिए अपनी किरकिरी बचाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की फतह-1 मिसाइलों ने भारत के दो एयरबेसों को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि जिन भारतीय एयरबेसों का नाम पाकिस्तानी अधिकारी ने लिया, उनका वास्तविक दुनिया में कोई अस्तित्व ही नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा
पिछले वर्ष 1 मई से 10 मई के बीच भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के खिलाफ बेहद आक्रामक सैन्य कार्रवाई की थी। भारतीय सेना, वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान ने पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों और आतंक समर्थित ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पाकिस्तान सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) को भारत से संपर्क कर संघर्ष विराम की अपील करनी पड़ी थी।अब ऑपरेशन की पहली बरसी पर पाकिस्तान उसी अभियान को लेकर नए-नए दावे कर अपनी जनता के सामने झूठी जीत दिखाने की कोशिश कर रहा है।
फतह-1 मिसाइल से हमले का दावा
पाकिस्तानी सेना के अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस’ के दौरान फतह-1 गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट के जरिए भारत के दो एयरबेसों पर हमला किया गया था। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों से भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ।
लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है, क्योंकि जिन एयरबेसों के नाम लिए गए हैं, वे भारत में कहीं मौजूद ही नहीं हैं। ऐसे में पाकिस्तान के दावे पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
भारत ने हवा में ही मार गिराए थे रॉकेट
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान ने 10 मई 2025 को फतह-1 गाइडेड रॉकेट दागे थे। इनका लक्ष्य जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्से थे। पाकिस्तान की ओर से भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की कोशिश भी की गई थी।हालांकि, भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह अलर्ट मोड पर थे। जैसे ही पाकिस्तानी रॉकेट भारतीय सीमा के करीब पहुंचे, उन्हें हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। भारत की आधुनिक रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की इस कोशिश को पूरी तरह विफल कर दिया था।
दुनिया के सामने फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान
विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने और घरेलू जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के झूठे दावे करता रहा है। लेकिन इस बार गैर-मौजूद एयरबेसों का नाम लेकर पाकिस्तान खुद ही अपने दुष्प्रचार में फंस गया है।ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सैन्य रणनीति और तकनीकी क्षमता की दुनियाभर में चर्चा हुई थी, जबकि पाकिस्तान को भारी दबाव और सैन्य असफलताओं का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अब एक साल बाद फिर से झूठे दावे कर पाकिस्तान अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।
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