ब्रिक्स नेताओं के संसद में कार्यक्रम पर ओम बिरला ने दी जानकारी, विशेष सत्र पर साधी चुप्पी

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संसद परिसर में आयोजित होने वाले ब्रिक्स संसदीय मंच के कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स देशों के संसदीय प्रतिनिधियों के कार्यक्रम और संसद परिसर में होने वाली गतिविधियों पर बात की, लेकिन संसद के संभावित विशेष सत्र को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। ऐसे में विशेष सत्र को लेकर जारी अटकलों के बीच उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस से इस मुद्दे पर कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।

संसद परिसर में जुटेंगे ब्रिक्स देशों के संसदीय प्रतिनिधि

भारत में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक आयोजित होने जा रही है। इस कार्यक्रम में ब्रिक्स सदस्य देशों के संसदीय प्रतिनिधि और अन्य आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक का उद्देश्य विभिन्न देशों की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाना, साझा चुनौतियों पर चर्चा करना और संसदीय संवाद को मजबूत करना है।

लोकसभा सचिवालय से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, यह बैठक 25 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अक्टूबर को कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंच की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान वैश्विक शासन व्यवस्था, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।

विशेष सत्र को लेकर क्यों बनी हुई है चर्चा?

संसद के विशेष सत्र को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक और संसदीय हलकों में चर्चा हो रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर विचार के लिए विशेष सत्र बुलाने की संभावना पर चर्चा कर रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई अंतिम तारीख आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।

विशेष सत्र को लेकर सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं होने के कारण इसकी तारीख और एजेंडे पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ओम बिरला की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस मुद्दे पर कोई नई घोषणा नहीं हुई।

परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयकों पर नजर

विशेष सत्र की संभावनाओं के बीच परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधायी प्रस्ताव चर्चा में हैं। परिसीमन का संबंध लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से है, जबकि महिला आरक्षण से संबंधित प्रावधानों का उद्देश्य विधायिकाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है।

इन प्रस्तावों पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह केंद्र सरकार के आधिकारिक फैसले और संसद की कार्यसूची से स्पष्ट होगा। फिलहाल विशेष सत्र की तारीख, अवधि और एजेंडे को लेकर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

ब्रिक्स संसदीय मंच में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों की संसदों के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाना है। बैठक में लोगों के हितों पर केंद्रित विकास, संस्थागत मजबूती, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार इस्तेमाल, वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विषय शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के जरिए भारत को ब्रिक्स देशों के संसदीय प्रतिनिधियों के साथ साझा मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के समापन पर संयुक्त वक्तव्य अपनाए जाने की भी योजना है।

फिलहाल विशेष सत्र पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार

ओम बिरला की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्रिक्स संसदीय मंच के कार्यक्रम पर जानकारी दी गई, लेकिन संसद के विशेष सत्र की तारीख या एजेंडे को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई। अब इस मामले में केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा पर नजर रहेगी। जब तक औपचारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक विशेष सत्र की संभावित तारीखों और विधायी एजेंडे को लेकर चल रही खबरों को अपुष्ट संभावनाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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