Monsoon Break 2026: 11 साल में तीसरी बार मानसून पर लगा ब्रेक, यूपी में 19% और एमपी में 3% कम बारिश, अरुणाचल में ITBP के 15 जवानों से टूटा संपर्क

Monsoon Break 2026: देशभर में मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। जुलाई के मध्य में बारिश का सिलसिला थमने से कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार वर्ष 2015 और 2021 के बाद यह 11 वर्षों में तीसरी बार है, जब जुलाई के दौरान मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी है। अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

यूपी और मध्य प्रदेश में सामान्य से कम हुई बारिश

मानसून की सुस्ती का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में 1 जून से 13 जुलाई के बीच केवल 161.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 199.7 मिमी होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक करीब 19 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

वहीं मध्य प्रदेश में भी इस बार मानसून अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका है। प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 250.1 मिमी है। इस तरह यहां लगभग 3 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के दौरान पहली बार प्रदेश में मानसूनी सीजन में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

राजस्थान में थमी बारिश, गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

राजस्थान में भी मानसून की रफ्तार थम गई है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के किसी भी हिस्से में उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई। दूसरी ओर श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को उमस और तेज गर्मी का सामना करना पड़ा।

पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश बनी आफत, बाढ़ और भूस्खलन से बिगड़े हालात

जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में बारिश कम हो गई है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिहार, असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले में कुमे नदी में आई बाढ़ के बाद भारत-चीन सीमा (LAC) के पास स्थित टापा बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 15 जवानों से संपर्क टूट गया है। जवानों की स्थिति जानने के लिए प्रयास जारी हैं।

उधर असम के टियोक क्षेत्र में पुथी नदी का तटबंध टूटने से कई गांवों और कृषि भूमि में पानी भर गया है। कई सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

बारिश कम, लेकिन उमस बढ़ाएगी मुश्किलें

बारिश की कमी के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम दिखाई दे रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा में नमी बढ़ने से हीट इंडेक्स यानी “फील लाइक टेम्परेचर” लगातार बढ़ रहा है। जब वातावरण में आर्द्रता अधिक होती है तो शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे शरीर स्वयं को ठंडा नहीं कर पाता और वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है।

कई शहरों में वास्तविक तापमान से ज्यादा महसूस हो रही गर्मी

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन 63 प्रतिशत आर्द्रता के कारण हीट इंडेक्स 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मुंबई में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद 70 प्रतिशत नमी के चलते लोगों को करीब 40 डिग्री जैसी गर्मी महसूस हो रही है। वहीं दिल्ली और श्रीगंगानगर में भी हीट इंडेक्स 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

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