
मंगोलिया में आयोजित एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों की इस दमदार सफलता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ताकत को एक बार फिर साबित कर दिया।
मीनाक्षी हुडा ने दिखाया विश्व चैंपियन वाला दम
मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुडा ने 48 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में मंगोलिया की नोमुंडारी एन्ख-अमगलान को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में शुरुआत से ही मीनाक्षी का दबदबा देखने को मिला और उन्होंने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया।
प्रीति पवार का शानदार प्रदर्शन, चीन ताइपे की खिलाड़ी को दी मात
54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने भी जबरदस्त खेल दिखाया। उन्होंने फाइनल में चीन ताइपे की हुआंग शियाओ-वे को 5-0 से हराकर भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता। प्रीति ने पूरे मुकाबले में आक्रामक रणनीति अपनाई और विपक्षी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।
प्रिया घंघास ने उत्तर कोरिया की चुनौती को किया पार
60 किलोग्राम भार वर्ग में प्रिया घंघास ने फाइनल मुकाबले में उत्तर कोरिया की वॉन उन-ग्योंग को 3-0 से हराकर तीसरा स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाला। प्रिया का संयम और सटीक पंच इस जीत की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।
जैस्मीन को रजत से करना पड़ा संतोष
वहीं 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मीन को फाइनल में थाईलैंड की पुनरावी रुएनरोस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। कड़े मुकाबले के बावजूद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन उनका प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
भारतीय महिला मुक्केबाजों के इस शानदार प्रदर्शन ने एशियाई मंच पर देश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है और आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए उम्मीदें और भी बढ़ा दी हैं।
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