
उत्तर प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिटी बस सेवा को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य के जिन शहरों में वर्तमान में सिटी बस सेवा संचालित हो रही है, वहां इसे चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बस सेवा में बदला जाएगा। इस फैसले को Clean City और Green City मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सिटी बस सेवा में होगा बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाने पर काम कर रही है। इसी के तहत अब डीजल और पारंपरिक बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह बदलाव न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।
लखनऊ बना बदलाव का केंद्र
राजधानी लखनऊ से इस योजना की शुरुआत को विशेष महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण की यूनिट भी शुरू हो चुकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही शहर को देश के मॉडल क्लीन और ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी लाई जा रही है।
250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को दिखाई हरी झंडी
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 250 इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने लखनऊ में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि शहर ने स्वच्छता रैंकिंग समेत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह बदलाव उसी विकास यात्रा का हिस्सा है।
प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो रहा है जहां सबसे तेजी से शहरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। शहरों को आपस में बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए भी लगातार काम जारी है, जिससे लोगों को आने-जाने में अधिक सुविधा मिलेगी।
पर्यावरण और यात्रियों दोनों को फायदा
इलेक्ट्रिक बस सेवा लागू होने से जहां एक ओर प्रदूषण में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को कम शोर, बेहतर सफर और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक शहरों में इस मॉडल को लागू किया जाए।
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