तिब्बत में चीन की बड़ी सैन्य तैनाती! भारत सीमा के पास HQ-29 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की एंट्री से बढ़ी हलचल

बीजिंग/नई दिल्ली:
भारत-चीन सीमा से सटे तिब्बत क्षेत्र में चीन की नई सैन्य गतिविधियों ने रणनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने अपने अत्याधुनिक HQ-29 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को इस संवेदनशील इलाके में तैनात कर दिया है। खास बात यह है कि इस सिस्टम को हाल ही में ट्रेन के जरिए ले जाते हुए देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि यह अब ऑपरेशनल स्थिति में पहुंच चुका है।

ट्रेन से मूवमेंट का वीडियो आया सामने
चीनी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में HQ-29 सिस्टम के लॉन्चर और इंटरसेप्टर मिसाइलें रेल मार्ग से ले जाई जाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में कम से कम आठ लॉन्चर और 16 इंटरसेप्टर मिसाइलों की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है। इस मूवमेंट को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन अपने रणनीतिक रक्षा ढांचे को तेजी से मजबूत कर रहा है, खासकर भारत से लगने वाले क्षेत्रों में।

बैलिस्टिक मिसाइल और सैटेलाइट दोनों पर मारक क्षमता
रिपोर्ट्स के मुताबिक HQ-29 सिस्टम केवल बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में मौजूद सैटेलाइट को भी निशाना बनाने की क्षमता रखता है। इस वजह से इसे चीन की एंटी-सैटेलाइट और मिसाइल डिफेंस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

मिलिट्री परेड में हुआ था पहली बार खुलासा
इस हाईटेक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को आधिकारिक तौर पर सितंबर 2025 में बीजिंग में आयोजित एक भव्य सैन्य परेड के दौरान दुनिया के सामने पेश किया गया था। हालांकि, रिपोर्ट्स बताती हैं कि इसे उसी वर्ष की शुरुआत में ही चीनी सेना में शामिल कर लिया गया था। HQ-29 के विकास की प्रक्रिया 2000 के दशक की शुरुआत से ही चल रही थी, जो अब जाकर एक पूर्ण सैन्य प्लेटफॉर्म के रूप में सामने आई है।

कितनी बैटरियां तैनात? उठ रहे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर यह भी दावा किया जा रहा है कि चीन के पास HQ-29 की एक से अधिक बैटरियां हो सकती हैं। वीडियो में दिख रहे लॉन्चरों और परेड में प्रदर्शित यूनिट्स के पैटर्न में अंतर देखा गया है, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह दूसरी बैटरी हो सकती है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसे फिलहाल अनुमान के तौर पर ही देखा जा रहा है।

रणनीतिक संतुलन पर असर संभव
तिब्बत में HQ-29 की तैनाती को भारत-चीन सीमा पर बदलते सामरिक समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तैनाती भविष्य में क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती है और दोनों देशों के बीच सतर्कता और बढ़ सकती है।

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