
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य की स्थिति काफी पिछड़ी हुई थी, लेकिन बीते कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
2017 से पहले स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद से लेकर वर्ष 2017 तक, करीब 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बहुत सीमित रही। उस समय पूरे प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज ही संचालित हो रहे थे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बना रहता था और आम जनता को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या में दोगुना इजाफा
सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों के चलते सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन बताते हुए कहा कि इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिला है, बल्कि प्रदेशवासियों को बेहतर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध हो रही है।
नर्सिंग अधिकारियों से की बड़ी अपेक्षाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को उनके दायित्वों का स्मरण कराते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य करने की अपील की।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का दावा
सीएम योगी ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए लगातार नए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
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