उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेशी आक्रांताओं और भारत के सांस्कृतिक इतिहास पर बड़ा बयान दिया है। सीएम योगी ने महमूद गजनवी और सोमनाथ मंदिर के इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत पर हमला करने वाले आक्रांताओं की मंशा केवल धन-दौलत लूटना नहीं थी, बल्कि उनका मुख्य मकसद भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के अस्तित्व को मिटाना था।
‘आक्रांताओं का लक्ष्य सांस्कृतिक पहचान नष्ट करना था’
गोरखपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब विदेशी हमलावरों ने भारत की पावन धरती पर कदम रखा, उन्होंने हमारे आस्था के केंद्रों को निशाना बनाया। सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमण का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आक्रांता केवल मंदिरों में रखी अपार संपदा लूटने नहीं आए थे, बल्कि उनका उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन चेतना को ध्वस्त करना था।
सनातन धर्म पर हमले और भारतीय इतिहास का सबक
सीएम योगी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सदियों से सनातन धर्म को मिटाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन यह भारत की अटूट सांस्कृतिक पहचान और जन-जन की श्रद्धा ही है जिसके कारण सनातन आज भी न केवल जीवित है बल्कि और अधिक सशक्त होकर उभर रहा है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि हमें अपने इतिहास से सबक सीखते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और मंदिरों के संरक्षण के लिए हमेशा सतर्क और एकजुट रहना चाहिए।
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