अमेरिका से जंग के बीच ईरानी राष्ट्रपति को US वीजा, न्यूयॉर्क में UNGA को करेंगे संबोधित; गिरफ्तारी पर क्या कहता है कानून?

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले सप्ताह न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। दोनों को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र में शामिल होने के लिए अमेरिका ने वीजा जारी कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले की खास बात यह है कि दोनों देशों के बीच फरवरी से जारी युद्ध और लगातार तनाव के बावजूद ईरानी नेतृत्व को संयुक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई है।

युद्ध के बीच पहली बड़ी अमेरिकी यात्रा

मसूद पजशकियान और अब्बास अराघची का न्यूयॉर्क दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा जब ईरान के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के सदस्य अमेरिका पहुंचेंगे। पजशकियान संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित कर सकते हैं, जबकि अराघची ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ कूटनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।

अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए कुछ पाबंदियां भी रखी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल का आकार पहले की तुलना में छोटा रहेगा और न्यूयॉर्क में उनकी आवाजाही तथा खरीदारी पर प्रतिबंध लागू रहेंगे। अमेरिका पहले भी संयुक्त राष्ट्र में आने वाले ईरानी राजनयिकों की गतिविधियों को सीमित करता रहा है।

अमेरिका ने वीजा क्यों दिया?

इस फैसले के पीछे सबसे अहम वजह संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से जुड़ा 1947 का समझौता है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के बीच हुए Headquarters Agreement में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक आने-जाने की सुविधा से जुड़े प्रावधान हैं। समझौते की धारा 11 में संबंधित प्रतिनिधियों के आवागमन पर अमेरिकी अधिकारियों द्वारा अनावश्यक बाधा नहीं डालने की व्यवस्था की गई है।

संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेजों में भी यह बात दर्ज है कि समझौते के तहत सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक काम के लिए न्यूयॉर्क आने की सुविधा मिलनी चाहिए। इसी व्यवस्था के तहत अमेरिकी प्रशासन ने इस बार ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को UNGA में हिस्सा लेने की अनुमति दी है।

अब सबसे बड़ा सवाल- क्या न्यूयॉर्क पहुंचते ही गिरफ्तार हो सकते हैं पजशकियान?

ईरानी राष्ट्रपति के अमेरिका पहुंचने की खबर के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अमेरिकी अधिकारी उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं। उपलब्ध अमेरिकी सरकारी नियमों के मुताबिक किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के मामले में स्थिति सामान्य विदेशी नागरिक जैसी नहीं होती।

अमेरिकी विदेश विभाग के Foreign Affairs Manual में कहा गया है कि कार्यकाल के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्ष, शासनाध्यक्ष और विदेश मंत्री आपराधिक तथा दीवानी अधिकार क्षेत्र से प्रतिरक्षा रखते हैं। ऐसे किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक या दीवानी प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश होने पर अमेरिकी अधिकारियों को संबंधित कानूनी और राजनयिक विभागों से संपर्क करना होता है।

संयुक्त राष्ट्र की बैठक और अमेरिका की जिम्मेदारी

यहां संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। न्यूयॉर्क में UN Headquarters अमेरिकी जमीन पर स्थित जरूर है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के बीच विशेष समझौते के तहत यहां होने वाली आधिकारिक गतिविधियों और सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की आवाजाही के लिए अलग व्यवस्था लागू होती है।

1947 के समझौते की धारा 11 में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक आने-जाने से संबंधित अमेरिकी अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। यही वजह है कि अमेरिका को UNGA में हिस्सा लेने वाले विदेशी प्रतिनिधियों के प्रवेश के मामले में अंतरराष्ट्रीय समझौतों और अपनी घरेलू नीतियों, दोनों को ध्यान में रखना पड़ता है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर रहेंगी कई पाबंदियां

वीजा जारी होने का यह मतलब नहीं है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका में सामान्य यात्रियों जैसी पूरी आजादी मिलेगी। रिपोर्टों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल की संख्या सीमित रखी जाएगी और न्यूयॉर्क में उनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। अमेरिका पहले से ही ईरानी राजनयिकों की आवाजाही को संयुक्त राष्ट्र परिसर और कुछ निर्धारित स्थानों तक सीमित करता रहा है।

ऐसे में पजशकियान का न्यूयॉर्क दौरा मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र महासभा की आधिकारिक गतिविधियों तक केंद्रित रहने की संभावना है।

एक तरफ ईरान को प्रवेश, दूसरी तरफ फिलिस्तीनी नेताओं पर रोक

अमेरिकी फैसले का दूसरा पहलू भी चर्चा में है। इसी UNGA के लिए अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को वीजा देने से इनकार किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसके बाद अब्बास को वीडियो के जरिए संबोधित करने की अनुमति देने का रास्ता अपनाया है।

इस तरह एक ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क आने की अनुमति और फिलिस्तीनी राष्ट्रपति पर वीजा रोक, अमेरिकी विदेश नीति और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौते को लेकर नई बहस का कारण बन गई है।

UNGA में किन मुद्दों पर रहेगी नजर?

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में शुरू होगा। इस दौरान दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। ईरान-अमेरिका संघर्ष के अलावा यूक्रेन युद्ध, इजरायल-फिलिस्तीन विवाद, सूडान का संकट, जलवायु परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहेंगे।

ऐसे माहौल में पजशकियान का भाषण खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र के मंच पर ईरान के राष्ट्रपति की ओर से युद्ध और अमेरिका के साथ जारी टकराव पर सीधे विचार रखने का प्रमुख अवसर होगा।

2025 में भी UNGA को संबोधित कर चुके हैं पजशकियान

मसूद पजशकियान इससे पहले 24 सितंबर 2025 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में UNGA के 80वें सत्र को संबोधित कर चुके हैं। इस बार उनका दौरा पूरी तरह अलग परिस्थितियों में हो रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष जारी है और दोनों देशों के संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

अमेरिका की ओर से वीजा मंजूर होने के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि पजशकियान संयुक्त राष्ट्र के मंच से क्या संदेश देते हैं और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच जारी टकराव पर उनकी क्या प्रतिक्रिया रहती है।

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