
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा बेहद निराशाजनक रहा। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को 0-3 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। तीसरे टेस्ट में भी इंग्लैंड ने उसे 8 विकेट से शिकस्त दी। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट की रणनीति, टीम चयन और मैनेजमेंट पर सवाल उठने लगे हैं। अब भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज और मौजूदा कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने भी पाकिस्तान टीम के प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कार्तिक ने पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम का प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट के स्तर के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने खास तौर पर बल्लेबाजी, टीम चयन और सीरीज के बीच किए गए बड़े बदलावों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय कई चीजें ऐसी हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
पहले दो टेस्ट में 90 ओवर भी नहीं खेल पाई पाकिस्तान टीम
दिनेश कार्तिक ने इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि टीम दोनों पारियों को मिलाकर भी 90 ओवर तक मैदान पर टिक नहीं सकी। उनके मुताबिक, पिचों में मुश्किलें जरूर थीं, लेकिन परिस्थितियां ऐसी नहीं थीं कि कोई टेस्ट टीम इतनी जल्दी अपनी दोनों पारियां गंवा दे।
कार्तिक की नजर में यही पाकिस्तान की मौजूदा समस्या की सबसे बड़ी तस्वीर है। टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों से लंबे समय तक क्रीज पर टिकने, परिस्थितियों के मुताबिक खेल बदलने और दबाव झेलने की उम्मीद की जाती है, लेकिन पाकिस्तान की बल्लेबाजी इन मोर्चों पर लगातार संघर्ष करती दिखाई दी।
0-2 से पिछड़ने के बाद अचानक बदल दी पूरी टीम
पाकिस्तान की रणनीति पर सबसे बड़ा सवाल सीरीज के दौरान किए गए बदलावों को लेकर उठा। दो टेस्ट मैच गंवाने के बाद टीम में अचानक सात बदलाव किए गए। इतना ही नहीं, कोचिंग स्टाफ में भी परिवर्तन कर दिया गया।
दिनेश कार्तिक ने इस फैसले को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर टीम में बदलाव करने ही थे तो सीरीज के इतने अहम पड़ाव तक इंतजार क्यों किया गया। उनके मुताबिक, जब पाकिस्तान 0-2 से पिछड़ चुका था, तब किए गए बदलावों का फायदा उठाने के लिए टीम के पास पर्याप्त समय नहीं बचा था।
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने पहले दो मुकाबलों की तुलना में बेहतर संघर्ष जरूर किया, लेकिन तब तक इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर चुका था। अंत में मेजबान टीम ने तीसरा टेस्ट भी जीतकर सीरीज में पाकिस्तान का 3-0 से सफाया कर दिया।
टीम चयन पर भी कार्तिक ने उठाए सवाल
दिनेश कार्तिक ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की चयन प्रक्रिया पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि तीसरे टेस्ट में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को सीरीज की शुरुआत से ही मौका क्यों नहीं दिया गया।
कार्तिक की आपत्ति सिर्फ एक खिलाड़ी को टीम में शामिल करने या बाहर रखने तक सीमित नहीं थी। उन्होंने पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि पाकिस्तान में आखिर किस आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है और टीम में किन खिलाड़ियों को खेलने का मौका दिया जा रहा है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को कुछ सकारात्मक पल जरूर मिले। खास तौर पर युवा तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया। उन्होंने 81 रन की आक्रामक पारी खेली और इंग्लैंड की पहली पारी में जो रूट का विकेट भी हासिल किया।
कप्तान और कोच बदलने पर भी साधा निशाना
कार्तिक ने पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार हो रहे कप्तान और कोच के बदलावों को भी चिंता का विषय बताया। उनका कहना है कि बार-बार नेतृत्व और कोचिंग स्टाफ में परिवर्तन इस बात का संकेत है कि टीम के भीतर सब कुछ सही दिशा में नहीं चल रहा।
उनके मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है और इस टीम ने विश्व क्रिकेट को कई महान खिलाड़ी दिए हैं। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में टीम का प्रदर्शन ऐसा नहीं है कि वह किसी बड़ी टेस्ट टीम को आसानी से चुनौती देती तैयारी और खिलाड़ियों के चयन को लेकर बहस छेड़ दी है। पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन ने भी पाकिस्तान की टीम चयन प्रक्रिया और टेस्ट क्रिकेट के प्रति उसके रवैये पर सवाल उठाए थे। खास तौर पर साइम अ नजर आए।
टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर भी चिंता
पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की सीरीज ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट की तैयारी और खिलाड़ियों के चयन को लेकर बहस छेड़ दी है। पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन ने भी पाकिस्तान की टीम चयन प्रक्रिया और टेस्ट क्रिकेट के प्रति उसके रवैये पर सवाल उठाए थे। खास तौर पर साइम अयूब को कैरेबियन प्रीमियर लीग के बाद सीधे टेस्ट मैच में उतारने के फैसले पर उन्होंने आपत्ति जताई थी।
दिनेश कार्तिक की टिप्पणी भी इसी बड़ी चिंता की ओर इशारा करती है कि टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सही तैयारी, निरंतर चयन और मजबूत टीम योजना भी जरूरी है।
पाकिस्तान को अब क्या करना होगा?
इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 की हार के बाद पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी टेस्ट टीम को दोबारा व्यवस्थित करने की है। लगातार कप्तानी और कोचिंग में बदलाव के बजाय टीम को एक स्पष्ट दिशा देने की जरूरत होगी। चयन प्रक्रिया में निरंतरता, घरेलू क्रिकेट से खिलाड़ियों की तैयारी और टेस्ट क्रिकेट के लिए उपयुक्त खिलाड़ियों को पर्याप्त समय देना पाकिस्तान के लिए अहम हो सकता है।
दिनेश कार्तिक ने भी उम्मीद जताई कि पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े जिम्मेदार लोग इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे और टीम को दोबारा मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। फिलहाल इंग्लैंड में मिली 3-0 की हार ने पाकिस्तान क्रिकेट की कमियों को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।
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