सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम: CEC और चुनाव आयुक्तों को कानूनी छूट देने वाली धारा 2023 पर केंद्र और ECI से मांगा जवाब

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों को आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान मिली कानूनी छूट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। सर्वोच्च अदालत ने इस विवादास्पद प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले की सुनवाई देश की शीर्ष अदालत में एक बार फिर से चुनावी सुधार और संवैधानिक जवाबदेही के बहस को तेज कर दी है।

एडीआर (ADR) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर यह निर्देश जारी किया है। याचिका में मांग की गई है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 16 को पूरी तरह से असंवैधानिक घोषित किया जाए, क्योंकि यह कानून चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों को उनके फैसलों के लिए कानूनी जवाबदेही से मुक्त करता है।

अधिनियम 2023 की धारा 16 पर उठे गंभीर सवाल

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि 2023 के इस अधिनियम की धारा 16 चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कृत्यों के संबंध में दीवानी और आपराधिक कार्यवाहियों से आजीवन छूट प्रदान करती है।

अधिनियम की धारा 16 के प्रावधान के अनुसार:

“किसी भी अन्य मौजूदा कानून के बावजूद कोई अदालत ऐसे किसी व्यक्ति के खिलाफ किसी दीवानी या आपराधिक कार्यवाही पर विचार नहीं करेगी या उसे जारी नहीं रखेगी, जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त या निर्वाचन आयुक्त है या रह चुका है। यह रोक उसके आधिकारिक कर्तव्य या कार्य के निर्वहन में या उसके निर्वहन का दावा करते हुए किए गए किसी कार्य, बात या कथन पर लागू होगी।”

याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की सुरक्षा अधिकारियों को अधिकारों के संभावित दुरुपयोग के खिलाफ अछूत बनाती है, जो कि देश के निष्पक्ष लोकतंत्र और कानून के शासन (Rule of Law) के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम के बाद अब केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को अपना पक्ष रखना होगा, जिस पर देश भर के कानूनी और राजनीतिक जानकारों की निगाहें टिकी हुई हैं।

Check Also

कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम: कहा- अनुमति न मिली तो फिर करेंगे आंदोलन

  मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की …