नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक यात्रा और उनकी सफलता पर विस्तार से अपनी बात रखी है।
लोकतंत्र की ताकत का बड़ा उदाहरण: देवगौड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री बनना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का भी प्रमाण है। उनके अनुसार, यह दर्शाता है कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था समय के साथ और अधिक सशक्त हुई है तथा जनता की भागीदारी लगातार बढ़ी है।
देवगौड़ा ने कहा कि आजादी के समय और वर्तमान भारत के राजनीतिक परिदृश्य में जमीन-आसमान का अंतर है। देश की जनसंख्या, अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना और राजनीतिक जागरूकता में बड़े बदलाव आए हैं, जिसके बीच लगातार जनता का भरोसा हासिल करना किसी भी नेता के लिए बड़ी चुनौती होती है।
नेहरू के दौर से आज का भारत कितना अलग
पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने लेख में कहा कि 1947 में जब देश आजाद हुआ, तब परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं। जवाहरलाल नेहरू को उस दौर में देश का नेतृत्व सौंपा गया था, जब राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी। महात्मा गांधी के नैतिक प्रभाव और स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की केंद्रीय भूमिका ने नेहरू के नेतृत्व को मजबूत आधार प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि 1952 के पहले आम चुनाव में कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव बेहद व्यापक था। हालांकि चुनाव में दर्जनों राजनीतिक दल मैदान में थे, लेकिन कांग्रेस के सामने कोई मजबूत चुनौती मौजूद नहीं थी। ऐसे माहौल में नेहरू ने देश का नेतृत्व किया और लंबे समय तक सत्ता में बने रहे।
मोदी के दौर में बढ़ी चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा
देवगौड़ा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे भारत में नेतृत्व किया है जो पहले की तुलना में कहीं अधिक जागरूक, जुड़ा हुआ और राजनीतिक रूप से सक्रिय है। आज मतदाता पहले से ज्यादा सवाल पूछता है, सरकारों का मूल्यांकन करता है और विभिन्न माध्यमों से अपनी राय खुलकर व्यक्त करता है।
उन्होंने कहा कि 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने से लेकर 2024 में लगातार तीसरी बार जनादेश हासिल करने तक नरेंद्र मोदी ने ऐसे राजनीतिक माहौल में सफलता हासिल की है, जहां प्रतिस्पर्धा कहीं अधिक कठिन और व्यापक रही है। यही वजह है कि उनकी उपलब्धि को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए।
भारत की बदलती तस्वीर का उल्लेख
देवगौड़ा ने कहा कि बीते सात दशकों में भारत का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। देश की अर्थव्यवस्था का आकार कई गुना बढ़ा है, सामाजिक विविधता और क्षेत्रीय आकांक्षाएं मजबूत हुई हैं तथा तकनीक ने नागरिकों को पहले से अधिक जागरूक बनाया है। ऐसे दौर में लगातार जनता का विश्वास बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक नेता के लिए आसान नहीं होता।
उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की लंबी राजनीतिक सफलता इस बात का संकेत है कि उन्होंने बदलते भारत की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने में सफलता हासिल की है। यही कारण है कि उन्हें लगातार चुनावी समर्थन मिलता रहा है और वे भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गए हैं।
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